खुरपका-मुंहपका रोग: जानिए इसके लक्षण, उपचार और बचाव के उपाय!
खुरपका-मुंहपका रोग (एफएमडी) पशुओं को होने वाली जानलेवा बीमारी है। एफएमडी से खुरपका-खुरपका वाले पशु प्रभावित होते हैं। पशुओं में होने वाली इस बीमारी से दुनिया के कई देश चिंतित हैं। कुछ देशों ने इस पर काबू पा लिया है तो कुछ इस पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। भारत में भी इस पशु रोग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीमारी पर काबू पाने के लिए टीके बनाए गए हैं। हालांकि, कुछ छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर एफएमडी को फैलने से रोका जा सकता है। इन उपायों की वजह से कई देश खुरपका-मुंहपका रोग से मुक्त हो चुके हैं।
भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने इससे जुड़ी एडवाइजरी भी जारी की है। एफएमडी वायरस से होने वाली बीमारी है। यह कब सक्रिय होगी और कब फैलेगी, इसका समय तय नहीं है। ऐसे में केंद्र सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसके तहत नौ राज्यों में एफएमडी मुक्त क्षेत्र बनाने की तैयारी की जा रही है। सरकार हर साल इस बीमारी के टीकाकरण पर करोड़ों रुपये खर्च करती है।
खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के उपाय:
1. वैक्सीनेशन: पशुओं को समय-समय पर वैक्सीन लगवाना चाहिए।
2. स्वच्छता: पशुओं के रहने की जगह की स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।
3. अलगाव: रोगग्रसित पशुओं को अन्य स्वस्थ पशुओं से अलग रखना चाहिए।
4. उचित देखभाल: पशुओं को उचित देखभाल और पोषण देना चाहिए।
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5. जानकारी: खुरपका-मुंहपका रोग के लक्षणों और उपचार के बारे में जानकारी रखनी चाहिए।
इन उपायों को अपनाकर आप अपने पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचा सकते हैं।