Movie prime

Subsidy: गाय पालन व पशु शेड निर्माण के लिए सरकार दे रही 90% सब्सिडी, जानें कौन हैं पात्र

 
Subsidy: गाय पालन व पशु शेड निर्माण के लिए सरकार दे रही 90% सब्सिडी, जानें कौन हैं पात्र
Subsidy: देश में पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ दैनिक आय का एक अच्छा स्रोत है, जिसके कारण सरकार किसानों को पशुपालन के लिए भारी सब्सिडी देती है। इसी कड़ी में झारखंड सरकार किसानों को पशुपालन के लिए भारी सब्सिडी देने जा रही है. यह बात झारखंड के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री ने 15 दिसंबर को कांके स्थित क्षेत्रीय निदेशक कार्यालय परिसर में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत पशु पक्षी मेला सह प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कही. इस मौके पर पशुपालन मंत्री ने गाय, बैल का वितरण भी किया. और कार्यक्रम में बत्तखें। Also Read: Haryana News: हरियाणा सीईटी ग्रुप-56 व 57 को छोड़कर सीईट के अन्य ग्रुपों की परीक्षाओं से हटा स्टे Subsidy: इस मौके पर पशुपालन मंत्री बादल ने कहा कि पिछले दो वर्षों से लगातार जलवायु परिवर्तन के कारण राज्य के किसान लगातार प्रभावित हो रहे हैं. हमारे राज्य के किसानों की आजीविका खेती-किसानी पर निर्भर है। ऐसे में मानसून की बेरुखी के कारण कृषि उत्पादन प्रभावित हुआ है. इसलिए किसानों को खेती के साथ-साथ खेती पर भी ध्यान देने की जरूरत है. Subsidy: गाय पालन व पशु शेड निर्माण के लिए सरकार दे रही 90% सब्सिडी, जानें कौन हैं पात्र Farming:
Subsidy: पशुपालन क्षेत्र में किसानों को प्रशिक्षित करना होगा
Subsidy: पशुपालन मंत्री ने कहा कि हमें वैकल्पिक समाधान ढूंढने होंगे, इसके लिए पशुधन से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि अगर किसानों को अपनी आय बढ़ानी है और अपने सपनों को साकार करना है तो आपको जानवरों की देखभाल, उनसे होने वाली आय और उनके पोषण के बारे में पूरी जानकारी रखनी होगी, जिसका मतलब साफ है कि आपको उस क्षेत्र में प्रशिक्षित होना होगा . यदि एक किसान को प्रशिक्षित किया जाए तो वह व्यावहारिक रूप से अपने गांव एवं क्षेत्र के 50 किसानों को शिक्षित कर सकता है। विभाग ने कई स्तरों पर प्रयास किये हैं और सकारात्मक परिणाम भी सामने आये हैं. हमने जीर्ण-शीर्ण पशुधन केन्द्रों को पुनर्जीवित करने का काम उठाया है और आज इसकी शुरूआत हो गई है। Subsidy: गाय पालन व पशु शेड निर्माण के लिए सरकार दे रही 90% सब्सिडी, जानें कौन हैं पात्र Farming:
Subsidy: पशु शेड व गाय पालन के लिए अनुदान दिया जायेगा
Farming: कृषि मंत्री बादल ने कहा कि पशुधन के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए विभाग जल्द ही मोबाइल पशु चिकित्सा एम्बुलेंस सेवा शुरू करने जा रहा है. उस एंबुलेंस में डॉक्टर, कंपाउंडर, दवा, जांच व सर्जरी की व्यवस्था होगी. Also Read: Mobile: Redmi Note 13 सीरीज की भारत लॉन्च डेट का ऐलान, जानें कब आएगा 200MP कैमरे वाला फोन भारत इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. इस योजना के तहत हर एंबुलेंस में तीन विशेषज्ञों की एक टीम हमेशा मौजूद रहेगी जो पशुपालकों के घर जाकर जानवरों का इलाज करेगी. विभाग पशुधन बीमा के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने जा रहा है, इसके लिए कई राज्यों के मॉडल का अवलोकन किया जा रहा है. Subsidy: उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए विभाग दूध पर 3 रुपये प्रति किलो की दर से अतिरिक्त सब्सिडी दे रहा है. इसके चलते दुर्गा पूजा के दौरान कई महिलाओं के खाते में विभाग की ओर से बड़ी रकम भेजी गयी है. सरकार पशु शेड निर्माण और गाय पालन के लिए 75 और 90 फीसदी अनुदान देने जा रही है. हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि राज्य की जीडीपी में कृषि का योगदान 20 प्रतिशत हो। वीडियो के माध्यम से भी पशुपालन मंत्री ने खूंटी और रामगढ़ में लाभुकों के बीच पशुओं का वितरण किया. उन्होंने कहा कि पशुपालकों को उनकी पसंद के अनुसार पशु दिये जाने चाहिए। Subsidy: गाय पालन व पशु शेड निर्माण के लिए सरकार दे रही 90% सब्सिडी, जानें कौन हैं पात्र Farming:
Subsidy: हर साल 9000 पशुपालकों को ट्रेनिंग दी जाती है
Subsidy: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पशुपालन निदेशक आदित्य रंजन ने कहा कि विभाग का उद्देश्य प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करना है. हम हर साल 9000 पशुपालकों को प्रशिक्षित करते हैं और फार्म का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक किसान को आर्थिक समृद्धि के साधन के रूप में पशुधन का पालन-पोषण, रखरखाव और उपयोग करने में सक्षम बनाना है। Also Read: Mandi Bhav 19 December 2023: हरियाणा-राजस्थान की मंडियों में जानें क्या रहे आज के भाव उन्होंने कहा कि फॉर्म सुधारने के कई अप्रत्यक्ष परिणाम होते हैं जो दिखाई नहीं देते लेकिन आपके जीवन को बदलने में उनकी अहम भूमिका होती है और फॉर्म सुधारने का उद्देश्य भी यही है। पिछले चार महीनों में कई स्तरों पर बदलाव हुए हैं.