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Farming: फसलों में डालें गोबर या वर्मी कंपोस्ट खाद? जानें दोनों में अंतर व फायदे

Should cow dung or vermicompost be applied to crops
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Farming: खेती में अधिक उत्पादन पाने के लिए किसानों को सही उर्वरक का चयन करना बहुत जरूरी है। वर्तमान समय में गोबर की खाद पौधों के लिए अत्यधिक प्रभावी जैविक खाद है जो पौष्टिक तत्वों से भरपूर है। गोबर की खाद में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटैशियम सही मात्रा में होता है, जो पौधों की वृद्धि को बढ़ाता है।

गोबर खाद के फायदे

Farming: नाइट्रोजन से भरपूर: गाय के गोबर की खाद में 50% तक नाइट्रोजन होती है, जो पौधों के स्वस्थ विकास में मदद करती है।

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Farming: पोषण से भरपूर: फास्फोरस और पोटैशियम के सही अनुपात में गोबर की खाद पौधों को संतुलित पोषण प्रदान करती है।

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Farming: अन्य तत्वों की प्रचुरता: गाय के गोबर में लोहा, तांबा, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर और मैंगनीज भी होते हैं, जो पौधों के लिए आवश्यक हैं।

वर्मीकम्पोस्ट और गोबर खाद में अंतर

Farming: वर्मीकम्पोस्ट और गोबर खाद दोनों ही जैविक खाद हैं, लेकिन इन्हें बनाने की प्रक्रिया में अंतर है। गोबर की खाद में गाय के गोबर के साथ-साथ पौधों की पत्तियां, सब्जियों के छिलके और खरपतवार शामिल होते हैं, जबकि वर्मीकम्पोस्ट में केंचुओं की मदद से तैयार की गई खाद होती है, जिसमें कच्चा कचरा और घरेलू कचरा शामिल होता है।

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वर्मीकम्पोस्ट के फायदे

Farming: संतुलित पोषण: वर्मीकम्पोस्ट में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की सही मात्रा होती है, जो पौधों को संतुलित पोषण प्रदान करती है।

Farming: कार्बनिक पदार्थों से भरपूर: वर्मीकम्पोस्ट में कच्चा केंचुआ पदार्थ होता है, जिसके कारण खाद कार्बनिक तत्वों से भरपूर रहती है।

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वर्मीकम्पोस्ट की कीमत

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Farming: बाजार में वर्मीकम्पोस्ट की कीमत ब्रांड और गुणवत्ता के आधार पर भिन्न हो सकती है। आमतौर पर वर्मीकम्पोस्ट की कीमत 30 रुपये से 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक हो सकती है.

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Farming: इस प्रकार, गोबर की खाद और वर्मीकम्पोस्ट दोनों ही पौधों के लिए बहुत फायदेमंद और आवश्यक उर्वरक हैं, लेकिन किसान अपनी खेती की विशेष जरूरतों के आधार पर इनमें से किसी एक का चयन कर सकता है।

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