1 बीघा जमीन से 90 दिन में 1.5 लाख का मुनाफा...धान-गेहूं की जगह इस फसल से किसान ने बनाई पहचान
केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार तक किसानों को बागवानी की खेती की ओर बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है. जिससे किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सके. किसान भी सरकार के इस मंसूबे को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. वह बागवानी की खेती करके अपनी आय बढ़ा रहे हैं.
इसी कड़ी में रायबरेली के रहने वाले प्रगतिशील किसान पिंटू वर्मा भी धान, गेहूं व मेंथा की फसल की खेती छोड़ खरबूजे की खेती कर रहे हैं, जिससे वह कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं. पिंटू वर्मा के मुताबिक वह बीते दो वर्षों से अपनी लगभग 1 बीघा जमीन पर तरबूज के साथ ही खरबूजे की खेती कर रहे हैं.
रिश्तेदार से मिला आईडिया
पिंटू वर्मा बताते हैं कि वह पहले धान, गेहूं के साथ मेंथा की खेती करते थे. एक दिन बाराबंकी जनपद के लोनी कटरा थाना क्षेत्र अंतर्गत नरदही गांव के रहने वाले उनकी बुआ के लड़के अखिलेश कुमार वर्मा उनके घर आए हुए थे. तो उन्होंने ही सलाह दिया कि धान, गेहूं की फसल से अच्छा खरबूज व तरबूज की खेती में मुनाफा है. क्योंकि वह काफी समय से इसकी खेती कर रहे थे. उन्हीं की सलाह मानकर बागवानी की खेती शुरू किया, उनकी सलाह हमारे लिए वरदान हो गई इससे 90 दिन में लाखों रुपए की कमाई हो जाती है जो अन्य फसलों की तुलना में कहीं ज्यादा फायदेमंद है.
कम लागत में अधिक मुनाफा
Local 18 से बात करते हुए प्रगतिशील किसान पिंटू वर्मा बताते हैं कि बागवानी की खेती एक नकदी फसल है. जिसमें एक बीघे में लगभग 40 से 50 हजार रुपए की लागत आती है. वहीं लागत के सापेक्ष सीजन में डेढ़ से 2 लाख रुपये तक की आसानी से कमाई हो जाती है. यह बेहद कम समय लगभग 90 दिन में तैयार होने वाली फसल है. जो अन्य फसलों की तुलना में बेहद मुनाफे वाली है. खेतों में तैयार फसल को बछरावां व रायबरेली के बाजार में बिक्री के लिए भेजते हैं, जहां से उन्हें अच्छे दाम मिल जाते हैं.

