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Haryanvi Breed Cow: गाय की सबसे टाॅप नस्ल जिसके दूध में है शुगर व हर्ट अटैक को रोकने की पावर

 
Haryanvi Breed Cow: गाय की सबसे टाॅप नस्ल जिसके दूध में है शुगर व हर्ट अटैक को रोकने की पावर
Haryanvi Breed Cow: भारत में गाय की कई नस्लों में से एक हरियाणवी नस्ल है, जिसे आमतौर पर हरियाणवी नस्ल के नाम से जाना जाता है। यह प्रजाति उत्तर भारत के क्षेत्रों में बहुतायत में पाई जाती है।
Haryanvi Breed Cow: हरियाणवी नस्ल की गाय
हरियाणवी नस्ल की गायों की उत्पत्ति हरियाणा और पूर्वी पंजाब में हुई। इस नस्ल का पालन खासतौर पर हरियाणा में किया जाता है और यहां के इलाकों में इसे खास तौर पर पसंद किया जाता है। Also Read: Dharwadi Buffalo: मोटे मुनाफे के लिए जानें भैंस की ऐसी नस्ल जो देती है 1500 लीटर दूध Haryanvi Breed Cow: गाय की सबसे टाॅप नस्ल जिसके दूध में है शुगर व हर्ट अटैक को रोकने की पावर हरियाणवी नस्ल की गाय

Haryanvi Breed Cow की शारीरिक विशेषताएं

रंग
हरियाणवी नस्ल की गायें सफेद रंग की, बीच-बीच में हल्के भूरे बालों वाली होती हैं।
बनावट
हरियाणवी गायों के सींग छोटे और उनकी संरचना मजबूत होती है। उनके पास एक सुंदर और सुगठित चेहरा है, जिसमें लंबी गर्दन और मुलायम त्वचा शामिल है। Also Read: Millet Cultivation: बाजरे ने की गेहूं की बराबरी, क्या और बढ़ेंगे रेट?
ऊंचाई
मादा हरियाणवी की ऊंचाई लगभग 127 से 140 सेमी तक होती है, जबकि पुरुष हरियाणवी की ऊंचाई 132 से 155 सेमी तक हो सकती है।
वज़न
हरियाणवी नस्ल के नर का वजन 400 से 500 किलोग्राम, मादा हरियाणवी गाय का वजन 300 से 400 किलोग्राम होता है।
Haryanvi Breed Cow दूध उत्पादन क्षमता
हरियाणवी गायें अपनी दूध उत्पादन क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं। ये गायें प्रतिदिन 10 से 15 लीटर दूध देती हैं। कुछ गायें एक ब्याने में 3000 से 3500 लीटर तक दूध दे सकती हैं। Haryanvi Breed Cow: गाय की सबसे टाॅप नस्ल जिसके दूध में है शुगर व हर्ट अटैक को रोकने की पावर हरियाणवी नस्ल की गाय Also Read: PM Kisan Yojana: सरकार देगी हर महीने 3 हजार रूपये, आवेदन से पहले जानें नियम व शर्तें
Haryanvi Breed Cow के दूध की गुणवत्ता
गाय के दूध में 5% वसा होती है और इससे बना घी बहुत दानेदार होता है। हरियाणवी गाय का दूध प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और खाने में स्वादिष्ट होता है।
Haryanvi Breed Cow और विशेषताएं
इन गायों की उम्र लंबी होती है और ये लगभग 20 साल तक प्रजनन कर सकती हैं। इसका दूध स्वास्थ्यवर्धक होता है, बच्चों के लिए यह अधिक फायदेमंद होता है। यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चुका है कि इसका दूध मधुमेह से पीड़ित रोगियों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। हरियाणवी नस्ल को उचित देखभाल के साथ बहुत कम लागत में पाला जा सकता है। है। Also Read: PM Kisan Yojana: क्या पति-पत्नी दोनों ले सकते हैं पीएम किसान योजना का लाभ, जानें नियम