देश-दुनिया में मशहूर हैं आम की ये किस्में, खाने से पहले जरूर जान लें इनके नाम

आम भारतीयों का सबसे खास और पसंदीदा फल है। सदियों से यह लोगों की पहली पसंद बना हुआ है और आज भी इसका नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। आपको बता दें कि आम की ऐसी कई किस्में हैं। अलग-अलग किस्मों की मांग भी अलग-अलग होती है। किसी को मालदह आम पसंद होता है, तो किसी को तोतापुरी आम का स्वाद। आम का इस्तेमाल सिर्फ फल के तौर पर ही नहीं बल्कि चटनी और अचार में भी किया जाता है। इतना ही नहीं, भारतीय आम पूरी दुनिया में मशहूर हैं और अपने लाजवाब स्वाद की वजह से सबसे ज्यादा मांग में हैं। ऐसे में आइए जानते हैं आम की उन किस्मों के बारे में जो देशभर में बेहद खास हैं।
अलफांसो आम
पूरे देश में मशहूर अलफांसो आम को हापुस आम भी कहा जाता है और इसकी खेती महाराष्ट्र में होती है। यह अपने मीठे स्वाद और मलाईदार बनावट के लिए जाना जाता है। अपने अलग स्वाद की वजह से यह सभी आमों में महंगा भी होता है। इस फल को समृद्धि और शुभता का प्रतीक भी माना जाता है। जहां सभी आम किलो में बिकते हैं, वहीं यह आम दर्जन में बिकता है। इस कीमत को देखते हुए कई दुकानदारों ने इसे EMI पर भी बेचना शुरू कर दिया है।
दशहरी आम
उत्तर प्रदेश से आने वाले दशहरी आम की खुशबू आपका मन मोह लेने के लिए काफी है। इसका गूदा मुलायम और रसीला होता है। आप इसे शेक और मिठाई में शामिल कर सकते हैं। इसे अल्फांसो के बाद सबसे मीठा कहा जाता है। इसे प्रचुरता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है और इसे शादियों और खास मौकों पर तोहफे के तौर पर दिया जाता है।
लंगड़ा आम
लंगड़ा आम भी उत्तर प्रदेश की उपज है। लंगड़ा आम का रंग हरा-पीला होता है। इसकी मिठास इसे लोगों के बीच लोकप्रिय बनाती है। लंगड़ा आम जून से अगस्त तक रहता है। उत्तर प्रदेश और बिहार में इसका सांस्कृतिक महत्व बहुत है। इसका इस्तेमाल आम की चटनी, लस्सी और आम के अचार समेत कई तरह के व्यंजन बनाने में भी किया जाता है।
केसर आम
केसर आम गुजरात से आता है। यह आम गिरनार पर्वत की तलहटी में उगाया जाता है। इसका रंग केसरिया होता है जिसकी वजह से इसका नाम केसर पड़ा है। इस आम का रसीला गूदा और मिठास खूब पसंद की जाती है। इनका इस्तेमाल कई तरह के व्यंजन बनाने में भी किया जाता है, जिसमें आइसक्रीम, आम का श्रीखंड और आम की फिरनी जैसी आम की मिठाइयाँ शामिल हैं।
चौसा आम
इस आम की किस्म को लोकप्रिय बनाने के पीछे भारतीय शासक शेर शाह सूरी का हाथ है। जब सूरी ने बिहार के चौसा में हुमायूं पर जीत हासिल की, तो उन्होंने अपनी जीत के सम्मान में अपने पसंदीदा आम का नाम चौसा रखा। आपको बता दें कि गाजीपुर में इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है और इसी वजह से इसे गाजीपुरिया आम के नाम से भी जाना जाता है।