Wheat rabi crops: सरकार ने रबी फसल के लिए समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने का फैसला किया है. इससे किसानों को अपनी फसल बेचने में अधिक मुनाफा होगा। सरकार ने गेहूं, सरसों और चने की एमएसपी में बढ़ोतरी की है। इस साल खेतों में रबी की अच्छी फसल पैदा होने की उम्मीद है. जिले में इस वर्ष 3.5 लाख हेक्टेयर में रबी फसल की बुआई हुई है. इनमें सबसे बड़ा क्षेत्र सरसों, गेहूं और चने का है। जिले के बारानी क्षेत्र में बुआई से पहले हुई बारिश के कारण किसानों ने चने की बुआई भी कर दी है
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Wheat rabi crops: जिले में 19 केंद्र बनाए
समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद के लिए जिले में 19 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से पांच क्रय विक्रय सहकारी समितियों, दो उनके उपकेंद्र तथा 12 ग्राम सेवा सहकारी समितियों को खरीद केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों पर किसान अपनी फसल बेच सकेंगे। जिले में 10 मार्च से गेहूं की खरीद शुरू होगी।
Wheat rabi crops: पंजीकरण कराना होगा
इस बीच अप्रैल से सरसों और चने की खरीद शुरू हो जाएगी किसानों को खरीद से पहले ई-मित्र पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। 120 रुपये में बनाई प्राकृतिक औषधि, 30% बढ़ी पैदावार सरकार ने गेहूं की एमएसपी 250 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों की एमएसपी 400 रुपये प्रति क्विंटल और चने की एमएसपी बढ़ा दी है. 225 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है. इससे किसानों को अपनी फसल बेचने में अधिक मुनाफा होगा। पिछली बार जिले में गेहूं, सरसों और चने की खरीद हुई थी।
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Wheat rabi crops: इस बार उन्होंने अच्छी बुआई की
पिछली बार गेहूं का एमएसपी 2125 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों का एमएसपी 5450 रुपये प्रति क्विंटल और चने का एमएसपी 5335 रुपये प्रति क्विंटल था। इस बार किसानों को गेहूं पर 350 रुपये प्रति क्विंटल, चने पर 105 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों पर 200 रुपये प्रति क्विंटल अधिक दाम मिलेंगे.
Wheat rabi crops: एमएसपी बढ़ाने का फैसला
रबी फसल के लिए एमएसपी बढ़ाने का फैसला किसानों को खुश करने वाला है. किसानों का कहना है कि इससे उन्हें उनकी मेहनत का पूरा इनाम मिलेगा। किसानों का कहना है कि इस बार उन्होंने अच्छी बुआई की है और अच्छी फसल की उम्मीद है। उन्हें सरकार से उम्मीद है कि स्थापित खरीद केंद्रों पर उनकी फसल बिना किसी परेशानी के खरीदी जाएगी।