{"vars":{"id": "114513:4802"}}

इन कृषि यंत्रों से करें गेहूं की कटाई, लागत और समय दोनों की होगी बचत

 

कृषि कार्य में फसलों की कटाई एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इस काम में काफी मजदूरों की जरूरत पड़ती है. आजकल फसल कटाई के समय मजदूरों की उपलब्धता और अत्यधिक ऊंची मजदूरी दर किसानों के लिए एक गंभीर समस्या बन गई है। भारत में आज भी कई क्षेत्रों में फसल काटने के लिए हँसिये का प्रयोग किया जाता है। दरांती से कटाई में प्रति हेक्टेयर 18-25 श्रमिक दिवस लगते हैं। जिससे कटाई में काफी समय और मेहनत खर्च होती है. इन समस्याओं को दूर करने के लिए यांत्रिक तरीकों का उपयोग किया जा सकता है। कुछ यांत्रिक कटाई के बाद फसल अवशेष बच जाते हैं, जिनके प्रबंधन के लिए मशीनों का भी निर्माण किया गया है। लेकिन इन मशीनों के बारे में जानकारी न होने के कारण किसान फसल अवशेषों को आग लगा देते हैं। जिससे पर्यावरण प्रदूषित होता है और मिट्टी में मौजूद मित्र कीट भी जल जाते हैं।

फसल कटाई और फसल अवशेष प्रबंधन के लिए, विभिन्न ट्रैक्टर और स्वचालित मशीनें जैसे स्वचालित वर्टिकल कन्वेयर रीपर, सिट-चालित स्वचालित रीपर, ट्रैक्टर चालित वर्टिकल कन्वेयर रीपर, स्वचालित कंबाइन हार्वेस्टर, स्वचालित हार्वेस्टर-कम-बंडलर, चैफ कंबाइन, ट्रैक्टर चालित स्लेशर और भूसा. बेलर आदि विकसित किये गये हैं। इन मशीनों से कम समय में अधिक काम किया जा सकता है और हंसिये से कटाई की तुलना में काम करने की लागत भी कम आती है। किसानों के लिए उपयोगी कुछ मशीनों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:

स्वचालित ऊर्ध्वाधर कन्वेयर रीपर
यह एक इंजन चालित मशीन है जिसका उपयोग फसलों की कटाई के लिए किया जाता है। इस मशीन को ऑपरेट करने के लिए ड्राइवर को पीछे चलना पड़ता है। इस मशीन से अनाज एवं तिलहनी फसलों को काटकर एक पंक्ति में व्यवस्थित रखा जा सकता है। इस मशीन में इंजन, पावर ट्रांसमिशन बॉक्स, कटिंग स्ट्रिप, क्रॉप रो सेपरेटर, लग्स के साथ कन्वेयर बेल्ट, स्टार व्हील और स्टीयरिंग सिस्टम एक मजबूत फ्रेम पर लगे होते हैं। इसमें बेल्ट और पुली के माध्यम से इंजन की शक्ति; कटिंग बेल्ट और कन्वेयर बेल्ट तक प्रेषित।

स्वचालित ऊर्ध्वाधर कन्वेयर रीपर
रीपर को आगे बढ़ाने की स्थिति में, फसल पंक्ति विभाजक फसल को विभाजित कर देता है और कटाई पट्टी के संपर्क में आने पर फसल के तने कट जाते हैं। फसल को हाथ से बांधकर खलिहान तक ले जाया जाता है। चूंकि कटी हुई फसल को मशीन द्वारा लंबवत रूप से ले जाया जाता है, इसलिए फसल के बिखरने से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। इस मशीन की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई क्रमशः 2450, 1200 और 1000 मिमी है। इस मशीन का वजन लगभग 145 किलोग्राम है और काटने वाली पट्टी की लंबाई और पिच क्रमशः 1000 और 75 मिमी है। इस मशीन का उपयोग मुख्य रूप से गेहूं, धान, सोयाबीन और अन्य अनाज और तिलहन फसलों की कटाई के लिए उपयुक्त है। इस मशीन की कार्य क्षमता लगभग 0.15 हेक्टेयर/घंटा है। इस मशीन की ईंधन खपत लगभग 1 लीटर प्रति घंटा है। इस मशीन की अनुमानित कीमत लगभग 85,000/- रूपये है.

सिट-ऑन रीपर
सीट-चालित स्वचालित रीपर एक स्वचालित मशीन है जिस पर चालक के लिए एक सीट होती है। इस मशीन में दो बड़े वायवीय पहिये हैं। इसका संचालन रियर एक्सल द्वारा नियंत्रित होता है। इस मशीन को चलाने के लिए लगभग 6 एचपी का डीजल इंजन का उपयोग किया जाता है। यह मशीन सुविधाजनक क्लच, ब्रेक, स्टीयरिंग हाइड्रोलिक सिस्टम और पावर ट्रांसमिशन सिस्टम से लैस है जो मशीन को आसानी से चलाने में मदद करती है। इसमें क्रॉप रो सेपरेटर, स्टार व्हील, कटिंग बेल्ट, कन्वेयर बेल्ट और वायर स्प्रिंग आदि शामिल हैं। इस रीपर में दो आगे और एक पीछे की ओर मूवमेंट का प्रावधान है। इस मशीन से फसल कटने के बाद उसे कन्वेयर बेल्ट से खींचकर मशीन के एक तरफ कतार में रख दिया जाता है।

सिट-ऑन रीपर
इस मशीन की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई क्रमश: लगभग 3185, 1900 और 1450 मिमी है। मशीन का वजन लगभग 1530 किलोग्राम है और संचालन की गति लगभग 3.0 से 3.5 किमी/घंटा है। इस मशीन की क्षेत्र क्षमता 0.25 से 0.30 हेक्टेयर/घंटा तथा क्षेत्र कार्य कुशलता 60-70% है। इसमें ईंधन की खपत 0.90 - 1.15 लीटर/घंटा और फसल हानि 5.0 - 5.9 प्रतिशत है। इस मशीन का उपयोग धान, गेहूं, सोयाबीन और अन्य अनाज और तिलहन फसलों की कटाई के लिए उपयुक्त है। इस मशीन की अनुमानित लागत लगभग 1,50,000/- रूपये है।
.

ट्रैक्टर चलित वरटिकल कनवेयर रीपर

इस यंत्र मे 75 मि.मी. पिच का कटाई पट्टी असेम्बली, 7 फ़सल पंक्ति विभाजक, लग सहित 2 कनवेयर पट्टी, दबाव स्प्रिंग, घिरनी और पावर संचरण गियर बक्सा लगे होते है. फ़सल पंक्ति विभाजक कटाई पट्टी असेम्बली के सामने फिट किए जाते हैं तथा स्टार पहिया फ़सल पंक्ति विभाजक के ऊपर लगे होते है. इस मशीन में 7 स्टार पहिया, जिनका व्यास 270 – 282 मि. मी. तथा 2000 – 2210 मि. मी. प्रभावी चौड़ाई की कटाई पट्टी होती है. इसमें 55 - 60 मि. मी. चौड़ाई की कनवेयर पट्टी, 118 -140 मि. मी. व्यास की घिरनी तथा 1600 – 2010 मि. मी. लंबाई का कटर बार लगा होता है. ट्रैक्टर चलित वरटिकल कनवेयर रीपर का प्रयोग गेहूं और धान कि फ़सल को काटकर एक कतार मे ज़मीन पर रखने हेतु किया जाता है. इस मशीन की अनुमानित मूल्य रुपये 55,000/- है.

स्वचालित कम्बाइन हार्वेस्टर

कटने के बाद फ़सल फीडर कनवेयर के माध्यम से सिलेंडर और अवतल असेम्बली मे जाती है, जहा पर इसकी गहाई होती है और अनाज के दाने एवं भूसे भिन्न-भिन्न भागो मे एक दूसरे से अलग हो जाते है. इसमें 4300 मि. मी. लंबाई का कटाई पट्टी होती है. इसकी काटने की ऊंचाई 550 – 1250 मि. मी. है. इसमें 605 मि. मी. व्यास तथा 1240 मि. मी. लंबाई का गहाई ड्रम लगा होता है जो 540 – 1050 चक्कर प्रति मिनट की गति से चलता है. इसमें अनाज टंकी की क्षमता 3.28 मी3 तथा इसकी चाल 2.0 – 11.4 कि.मी./घण्टा है. स्वचालित कम्बाइन हार्वेस्टर का प्रयोग अनाज एवं अन्य फ़सल की कटाई एवं साथ ही उसकी गहाई और सफाई हेतु किया जाता है. इस मशीन की अनुमानित मूल्य रुपये 12 – 18 लाख है.

भूसा कंबाइन

इस मशीन की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई 3370 – 5350, 2145 – 2400 और 2210 मिमी क्रमशः है. इसमें लगी कटाई पट्टी की लंबाई एवं काटने की ऊंचाई 1830, एवं 60 मिमी क्रमशः है. इसके घिरनी का व्यास 435 – 485 मिमी एवं चौड़ाई 1920 – 1935 मिमी है. इस मशीन के गहाई ड्रम कि चौड़ाई 1025 – 1250 मिमी., व्यास 525 – 625 मिमी एवं गहाई ड्रम की गति 650 चक्कर प्रति मिनट होती है. धमनी का व्यास 660 मिमी तथा चौड़ाई 230 मिमी है. इस मशीन की कार्यक्षमता 0.4 हेकटेयर/ घण्टा है. भूसा कम्बाईन का प्रयोग अनाज कम्बाइन के परिचालन उपरांत गेहूं एवं धान फ़सल की बची हुई खूंटी एवं फेके गए पुआल को एकत्रित करने हेतु किया जाता है. इस मशीन से लगभग 50 किग्रा प्रति हेक्टेयर अनाज के दानो को प्राप्त कर सकते हैं. इस मशीन की अनुमानित मूल्य रुपये 1.55 लाख है.

स्वचालित कटाई सह बंधाई यंत्र

स्वचालित कटाई सह बंधाई यंत्र फ़सल कटाई के साथ-साथ धागे की मदत से उसके गठ्ठर भी तैयार  करती है. इस मशीन में दो बड़े एवं एक छोटा हवायुक्त पहिये लगे होते हैं. इसका संचालन पिछले पहिये द्वारा नियंत्रित किया जाता है. इस मशीन को संचालित करने के लिए लगभग 10 अश्व शक्ति का डीज़ल इंजन लगा होता है. इस मशीन मे क्लच, ब्रेक, स्टेयरिंग प्रणाली और शक्ति संप्रेषण प्रणाली लगी हुयी है जो मशीन को आसानी से चलाने मे मदद करते है.यह यंत्र कम लागत मे बहुत कम दानो की क्षति के साथ-साथ 100 प्रतिशत भूसे की प्राप्ति सुनिश्चित करता है. इस मशीन का उपयोग मुख्यतः गेहूं, धान, जई, जौ और अन्य अनाज की फसलों की कटाई हेतु किया जाता है. 

स्ट्रॉ बेलर

स्ट्रॉ बेलर एक ट्रैक्टर चलित यंत्र है. इसे ट्रैक्टर के पी.टी.ओ. द्वारा चलाया जाता है जिसमे घिरनी  प्रकार कि स्ट्रॉ (फसल अवशेष) उठाने वाली असेम्बली और स्ट्रॉ को संघनन कर बांधने कि इकाई होती है. यह स्वचालित रूप से घिरनी कि मदद से क्षेत्र मे से स्ट्रॉ को उठाकर फीडर की मदद से बेल कक्ष मे स्थानांतरित करता है तत्पश्चात रेसिप्रोकेटिंग रैम कि सहायता से फसल अवशेष को दबाकर संकुचित करता है. जिससे अलग-अलग लंबाई के गठ्ठर तैयार किए जाते है. यह स्वचालित रूप से धातु के तार या नाइलॉन रस्सी का उपयोग कर गांठ भी बांधता है. इस मशीन की लंबाई 5500 मिमी, चौड़ाई 2600 मिमी, और ऊंचाई 1950 मिमी है.